सदस्य लॉगिन - उपयोगकर्ता का पंजीकरण - फ्रंट पेज के रूप में सेटअप करें - पसंदीदा में जोड़े - साइट मैप 13 से 14 फरवरी तक है महाशिवरात्रि 2018, जानिए पूजन विधि व शुभ मुहूर्त!

13 से 14 फरवरी तक है महाशिवरात्रि 2018, जानिए पूजन विधि व शुभ मुहूर्त

समय:2022-10-03 06:45:10 स्रोत:शर्म लेखक:जिएयांग पढ़ना:243दूसरे दर्जे का

से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तMaharashtra Crisis: महाराष्ट्र के सियासी संग्राम में अकेले पड़े उद्धव ठाकरे, 8 मंत्री शिंदे गुट में जा मिले, जानिए कैसा है यह संकट?******महाराष्ट्र का सियासी संकट जब शुरू हुआ था, तब किसी ने ये नहीं सोचा था कि उद्धव ठाकरे, शिवसेना और उनकी सरकार की यह हालत हो जाएगी। अब जबकि शिवसेना के 8 मंत्री बागी गुट के नेता ​एकनाथ शिंदे के कैंप में पहुंच चुके हैं। उद्धव ठाकरे अकेले पड़ गए हैं। अब सिर्फ तीन ही मंत्री उद्धव की शिवसेना में बचे हुए हैं। इनमें उनके बेटे आदित्य ठाकरे ही एकमात्र ऐसे मंत्री बचे हैं, जो विधायक हैं। बाकी बचे मंत्री विधान परिषद में चुने हुए हैं। इस तरह इस सियासी लड़ाई में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अकेले पड़ते नजर आ रहे हैं।सिर्फ 3 मिनिस्टर उद्धव के साथइस संकट की शुरुआत से ही लगभग हर दिन सूरत के रास्ते से शिवसेना का कोई न कोई विधायक या मंत्री गुवाहाटी पहुंच रहा है, जहां के एक होटल में एकनाथ शिंदे और उनके साथ बागी विधायकों के गुट रुका हुआ है। एक एक करके विधायक हों या मंत्री, सभी बागी शिंदे गुट का दामन थाम रहे हैं। अब उद्धव के खेमे में शिवसेना के 3 मंत्री आदित्य ठाकरे, अनिल परब और सुभाष देसाई ही बचे हैं। देसाई और परब विधान परिषद के सदस्य हैं, जबकि एक अन्य कैबिनेट मंत्री शंकरराव गडख क्रांतिकारी शेतकारी पक्ष पार्टी से हैं।जो समर्थन में नारे लगा रहे थे, वे भी शिंदे गुट में मिलेहालात ये हैं कि जो विधायक उद्धव के समर्थन में खड़े होकर नारे लगाते हैं, वो अगले दिन शिंदे कैंप पर नजर आते हैं। यहां तक कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने जब जिला प्रमुखों और तहसील प्रमुखों की आनलाइन बैठक बुलाई थी। उस बैठक में हिस्सा लेने वाले शिवसेना नेता भी उद्धव का साथ छोड़कर चले गए।ये 8 मंत्री गए शिंदे खेमे मेंदादा भुसे, गुलाबराव पाटिल, संदीपन भुमरे, उदय सामंत, राज्य मंत्री शंभूराज देसाई, अब्दुल सत्तार, राजेंद्र पाटिल येद्रावकर, बच्चू कडू (प्रहार जनशक्ति), ये 8 मंत्री शिंदे खेमे में जा चुके हैं। उधर, 15 बागी विधायकों ने सदस्यस्ता रद्द करने को लेकर दिए डिप्टी स्पीकर के नोटिस को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस पर आज सुनवाई होगी। शिवसेना के नेतृत्व वाली महा विकास आघाड़ी (MVA) सरकार में, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी में विद्रोह से पहले 10 कैबिनेट रैंक के मंत्री और चार राज्य मंत्री थे, जिनमें से दो शिवसेना कोटे से थे।

से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तपाकिस्तान ने अमेरिका के साथ मिलकर आखिर वो कौन सा काम किया, जिससे भड़का तालिबान? मुल्ला उमर के बेटे ने दी खुली धमकी******Highlightsजहां इमरान खान के कार्यकाल में अमेरिका से दुश्मनी लेना पाकिस्तान को भारी पड़ा, तो वहीं अब शहबाज शरीफ की वर्तमान सरकार रिश्ते सुधारने में लगी हुई है। जिससे इतना तो साफ है कि अमेरिका की मदद के बिना पाकिस्तान की रोजी रोटी चल पाना मुश्किल है। अब खबर आई है कि अफगानिस्तान में तालिबान के रक्षा मंत्री और मुल्ला उमर के बेटेमुल्ला याकूब ने पाकिस्तान सरकार को खुली धमकी दी है। क्योंकि पाकिस्तान की मदद से ही अफगानिस्तान में ड्रोन हमला संभव हो पाया है। जिसमें अल कायदा का प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी मारा गया। जवाहिरी को काबुल में एक घर की खिड़की पर मिसाइल छोड़कर मारा गया है।इस हमले से आहत तालिबान अब पाकिस्तान पर निशाना साध रहा है। मुल्ला याकूब का कहना है कि उनके खुफिया सिस्टम ने बताया है कि अमेरिका का ड्रोन अफगानिस्तान में पाकिस्तान के रास्ते से दाखिल हुआ था। उसने कहा कि जब अमेरिकी सेना यहां से गई थी तब उन्होंने देश के रडार सिस्टम को तबाह कर दिया था। हालांकि उनके खुफिया सिस्टम ने उनसे कहा है कि अमेरिका का ड्रोन पाकिस्तान के रास्ते से ही उनके देश अफगानिस्तान में दाखिल हुआ था। याकूब ने कहा, 'हम पाकिस्तान से मांग करते हैं कि अमेरिकी ड्रोन के लिए अपने हवाई क्षेत्र के इस्तेमाल की अनुमति न दे।' तालिबान के रक्षा मंत्री का ये बयान ऐसे वक्त पर सामने आया है, जब पाकिस्तान लगातार इस बात को खारिज कर रहा है कि उसने अमेरिकी ड्रोन को अपना हवाई क्षेत्र इस्तेमाल करने दिया है।पाकिस्तान और तालिबान के रिश्ते इन दिनों ठीक नहीं चल रहे हैं। अमेरिका ने काबुल में छिपे अल जवाहिरी को अपने रीपर ड्रोन की मदद से मार गिराया था। इसके लिए हेलफायर मिसाइल का इस्तेमाल हुआ। उस वक्त जवाहिरी तालिबान के गृह मंत्री शिराजुद्दीन हक्कानी के संरक्षण में यहां रह रहा था। ऐसा कहा जा रहा है कि अमेरिका के हमले में हक्कानी के कई रिश्तेदार भी मारे गए हैं। तभी से तालिबान में नेतृत्व को लेकर काफी तनाव चल रहाहै। ये भी कहा जा रहा है कि मुल्ला याकूब और अमेरिका ने मिलकर जवाहिरी को मारा है।हालांकि बाद में हक्कानी और याकूब की साथ में एक तस्वीर भी सामने आई थी। अब पाकिस्तान सरकार तालिबान का निशाना बनी हुई है। वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान के विदेश मंत्री ने हाल में ही एक बयान जारी करते हुए कहा है कि अमेरिका के ड्रोन ने उसके हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं किया है। यही वजह है कि पाकिस्तान और तालिबान के रिश्ते काफी बिगड़ गए हैं। कुछ दिनों पहले ही तालिबान और पाकिस्तान सेना के बीच गोलीबारी तक हुई। पाकिस्तान पर आरोप है कि वह अफगानिस्तान में टीटीपी के खिलाफ हमले कर रहा है। टीटीपी यानी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान हमारे पड़ोसी देश पाकिस्तान का लोकल तालिबान है, जिसके लड़ाके अफगानिस्तान में रहकर पाकिस्तान सेना और नागरिकों को निशाना बना रहे हैं।से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तHartalika Teej 2022: तीज को बनाएं और भी खास, अपनी पत्नी को दें ये गिफ्ट****** इस साल हरतालिका तीज का व्रत मंगलवार यानी आज 30 अगस्त 2022 को रखा जा रहा है। इस दिन सुहागन महिलाएं अपने पति के लंबी आयु के लिए और और कुंवारी कन्याएं अच्छा वर पाने के लिए निर्जला व्रत रखती है। तीज के त्योहार को बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं और अपने पति के लिए व्रत रखती है। वहीं इस दिन पति अपनी पत्नी को तोहफा देकर शुक्रिया अदा करते हैं। चालिए जानते है पति को अपनी पत्नी को आज के दिन क्यागिफ् कर सकते हैं। जिससे वो अपनी खूबसूरत पत्नी का दिल जीत सके।ज्वेलरी से महिलाओं का कभी मन ही नहीं भरता। आप अपनी पत्नी को खासतौर पर रिंग्स और इयरिंग्स दे सकते हैं।हर ड्रेस के साथ अलग तरह का पर्स रखना तो लड़कियों को पसंद ही होता है। तो आप आज के दिन अपनी पत्नी के मन पसंद रंग का पर्स गिफ्त कर सकते हैं।बजट अगर थोड़ा ठीक है तो आप लेटेस्ट मोबाइल अपनी पत्नी को खरीदकर दे सकते हैं। इसमें कुछ हो ना हो, इसका कैमरा जरूर शानदार होना चाहिए।गर्ल्स को कपड़ों से बड़ी मोहब्बत होती है। कपड़े कितने भी हों, हमेशा कम ही लगते हैं। इसलिए ये एक सेफ तरीका है, जब आप उनके लिए गिफ्ट खरीदने जाएं तो कोई भी ड्रेस उनकी पसंद के हिसाब से खरीद लें।पत्नी को पति से मिलने वाले प्यार भरे संदेश खूब भाते हैं। अगर आप खुद पत्नी के लिए ज्यादा कुछ नहीं लिख सकते हैं, तो इन रोमांटिक लव कार्ड्स की मदद ले सकते हैं।हार्ट शेप का गिफ्ट पत्नी को देना है, लेकिन ऊपर बताया हुआ वुडन फ्रेम पसंद नहीं है? कोई बात नही, आप अपनी पत्नी को एक क्यूट सा हार्ट शेप कुशन भी दे सकते हैं।पत्नी के लिए गिफ्ट खरीदना है, तो चूड़ा भी एक अच्छा विकल्प है। जी हां, एक महिला के लिए चूड़ा बेहद जरूरी होता है। इससे उसका शृंगार पूरा होता है। ऐसे में क्यों न आप ही अपनी पत्नी को चूड़ा गिफ्ट कर दें।आप वाइफ को ट्रेंडी घड़ी भी दे सकते हैं। घड़ी आकर्षक लगती है।अगर घड़ी वाटर प्रूफ हो और टिकाऊ हो तो और भी अच्छा है।

13 से 14 फरवरी तक है महाशिवरात्रि 2018, जानिए पूजन विधि व शुभ मुहूर्त

से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तचुनावों का असर! मार्च में कितना तगड़ा झटका देंगे पेट्रोल-डीजल? 70 दिनों से नहीं बदले दाम,******चुनावों का असर! मार्च में कितना तगड़ा झटका देंगे पेट्रोल-डीजल? 70 दिनों से नहीं बदले दाम,Highlightsपेट्रोल या डीजल से चलने वाली कार और बाइक चलाने वालों के अच्छे दिन चल रहे हैं। इसे चुनावी राहत कहें या आपकी खुशनसीबी! जो भी हो, बीते 70 दिनों से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 4 नवंबर को दिवाली के दिन केंद्र और भाजपा शासित राज्य सरकारों द्वारा एक्साइज और वैट दरों में कटौती के बाद 10 से 17 रुपये तक की गिरावट आई थी। तब से दामों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।देश के पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसकी आचार संहिता बीते शनिवार को ही लागू हुई है। लेकिन तेल के दाम करीब ढाई महीने से स्थिर हैं। माना जा रहा है कि चुनाव खत्म होने तक यानि 10 मार्च तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों से लोगों को राहत मिलती रहेगी। यूपी के कानपुर में 4 नवंबर के बाद से 95.23 रुपये में पेट्रोल व 86.49 रुपये में डीजल मिल रहा है। वहीं मध्य प्रदेश के भोपाल शहर में पेट्रोल की कीमत 107.23 रुपये और डीजल की कीमत 90.87 रुपये प्रति लीटर है।कागजी तौर पर देखा जाए तो पेट्रोल डीजल की कीमतें तय करने का अधिकार सरकारी तेल कंपनियों पर है। लेकिन बीते कुछ वर्षों में देश में राज्यों के चुनावों के बीच तेल की कीमतों पर ब्रेक लग जाता है। कच्चे तेल का भाव इस समय 84 डॉलर के पार है, बावजूद इसके आने वाले समय में इनके दामों में बढ़ोत्तरी का कोई इरादा नहीं है।नवंबर से देखा जाए तो क्रूड की कीमतें गिरावट के बाद एक बार फिर चढ़ने लगी हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 11 नवंबर को क्रूड ऑयल का भाव 85 डॉलर प्रति बैरल था। एक दिसंबर को घटकर यह 69 डॉलर पर आ गया था। तब से लेकर अब तक इसमें करीबन 16 डॉलर की बढ़ोत्तरी हुई है। दिसंबर में जहां क्रूड की कीमत में कटौती का फायदा जहां ग्राहकों को नहीं मिला, वहीं तेल कंपनियों ने 16 डॉलर के उछाल से भी आम जनता को दूर रखा। दिसंबर के बाद से कीमतें फिर उफान पर हैं। फिलहाल क्रूड 84 डॉलर पर है, जिसके 95 डॉलर तक जाने की संभावना है। ऐसे में चुनावों के बाद तगड़ा झटका लगना तय है।कच्चे तेल की कीमतोें का सीधा असर भारत के इंपोर्ट बिल पर पड़ता है। साथ ही यह महंगाई और रुपए की कीमत के लिए भी हानिकारक है। कोरोना की दस्तक के बावजूद देश में परिवहन गतिविधियां जारी हैं। जिससे तेल के उपयोग में कोई कमी नहीं है। क्रूड महंगा होने के बावजूद कीमतें न बढ़ाना सरकारी खजाने की सेहत के लिए फायदेमंद कतई नहीं है।से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तDelhi Storm and Heavy Rain : दिल्ली में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाएं, उखड़े पेड़, दो की मौत, जामा मस्जिद का गुंबद गिरा******Highlightsराजधानीदिल्ली में पिछले चार साल में आए सबसे गंभीर तूफान (Storm) ने सोमवार की शाम शहर में तबाही मचायी और 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने सड़कों को पेड़ों की टूटी हुई टहनियों से पाट दिया।दिल्ली में ढाई सौ से ज्यादा पड़ गिर गए। कई मकानों के छज्जे और दीवारें गिर गईं जिससे लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। दिल्ली के कई इलाकों में गाड़ियों पर ही पेड़ गिए। आंधी में गिरे पेड़ों को सड़कों पर से हटाने के लिए लोगों ने एमसीडी से शिकायतें भी की है लेकिन अभी तक पेड़ों को हटाने की कार्रवाई नहीं हुई है।मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि दिल्ली में नौ जून, 2018 के बाद आया यह सबसे गंभीर तूफान है। उस दौरान पालम में हवा की गति 104 किलोमीटर प्रतिघंटा मापी गयी थी। गौरतलब है कि पिछले सोमवार को भी दिल्ली में मध्यम दर्जे का तूफान आया था। तूफान के कारण तापमान में काफी कमी आयी है। सफदरजंग वेधशाला के अनुसार, शाम 4:20 बजे तापमान 40 डिग्री सेल्सियस था जो शाम 5:40 बजे गिरकर 25 डिग्री सेल्सियस रह गया। सफदरजंग, लोधी रोड और रिज में क्रमश: 17.8 मिमी, 20 मिली और 15 मिमी दर्ज किया गया। तूफान का सबसे ज्यादा असर पूर्वी और मध्य दिल्ली में हुआ है जहां सड़कें पेड़ों की टूटी हुई टहनियों से अटी पड़ी हैं। शहर में विभिन्न जगहों से लोगों ने सूचना दी है कि तेज हवाओं के कारण बिजली और इंटरनेट की तारें टूट गई हैं। गंभीर तूफान से पुराने और संवेदनशील भवनों तथा निर्माणाधीन भवनों को नुकसान पहुंचा है।विभिन्न हादसों में दो लोगों की मौतमध्य दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में पड़ोसी की बालकनी का एक हिस्से गिरने से 50 वर्षीय शख्स की मौत हो गयी। यह हादसा तब हुआ जब वह अपने घर के बाहर खड़ा हुआ था। पुलिस उपायुक्त (मध्य) श्वेता चौहान ने बताया कि मृतक की पहचान कैलाश के रूप में की गयी है और दरियागंज के संजीवन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गयी थी। उत्तरी दिल्ली के अंगूरी बाग में 65 वर्षीय बसीर बाबा नाम के बेघर व्यक्ति पर पीपल का एक पेड़ गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गयी। एक अन्य घटना में चांदनी चौक के कबूतर बाजार के समीप कार पर नीम का पेड़ गिरने के बाद उसमें एक साल के बच्चे समेत एक परिवार के तीन सदस्यों को बचाया गया।जामा मस्जिद का गुंबद टूटातूफान के कारण जामा मस्जिद के गुंबद के ऊपर लगा पीतल का छोटा गुंबद टूट गया। जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने कहा कि मस्जिद की एक मीनार और अन्य हिस्सों से पत्थर टूटकर गिरने से दो लोग घायल हो गए। पुलिस ने बताया कि सोमवार को रात आठ बजे तक पेड़ गिरने के बारे में कम से कम 294 कॉल्स आए। दिल्ली दमकल पुलिस को मकान ढहने की आठ सूचनाएं मिली।हवाई सेवाएं भी बाधित, कई उड़ानों का मार्ग बदला गयाइंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चली। पालम मौसम स्टेशन में हवा की रफ्तार अधिकतम 70 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गयी। राष्ट्रीय राजधानी में आंधी के कारण दिल्ली हवाई अड्डे पर कम से कम पांच उड़ानों का मार्ग परिवर्तित किया गया और 70 उड़ानों में विलंब हुआ। अधिकारियों ने बताया कि आंधी-तूफान के कारण दिल्ली से रवाना होने वाली कम से कम 40 और यहां आने वाली 30 उड़ानों में देरी हुई। यहां आने वाली कम से कम पांच उड़ानों का मार्ग बदला गया।(इनपुट-भाषा)से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तवित्त मंत्री अरुण जेटली ने दिए संकेत, 12-18 प्रतिशत के बीच आ सकता है GST का नया स्लैब******वित्त मंत्री ने सोमवार को कहा कि आगे टैक्स रेवेन्यू में अच्छी बढ़ोतरी होने पर देश में की 3 दरें रह जाएंगी। उन्होंने कहा कि इसमें 0 प्रतिशत और 5 प्रतिशत की दर के साथ सामान्य जरुरत की वस्तुओं पर एक मानक दर होगी जो 12 से 18 प्रतिशत के बीच होगी। जेटली ने साथ में यह भी कहा कि विलासिता और अहितकारी वस्तुओं को उच्च कर के दायरे में बनाए रखा जाएगा। वित्त मंत्री ने पर 'GST के 18 महीने' शीर्षक से लिखे एक में कहा है कि इस समय उपयोग की कुल 1,216 वस्तुओं में से 183 पर 0 प्रतिशत, 308 पर 5 प्रतिशत , 178 उत्पादों पर 12 प्रतिशत और 517 पर 18 की दर से जीएसटी लगता है। उन्होंने कहा, ‘28 प्रतिशत का कर स्लैब अब खत्म हो रहा है।’ वर्तमान में इसमें सिर्फ लग्जरी एवं अहितकारी उत्पादों के अलावा वाहनों के कलपुर्जे, एसी और सीमेंट समेत केवल 28 वस्तुएं ही बची हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में, ‘GST के रूप में परिवर्तन पूरा होने के साथ अब हम इसकी दरों को तर्कसंगत बनाने के पहले चरण को पूरा करने के करीब हैं। उदाहरण के लिए विलासिता और अहितकारी वस्तुओं को छोड़कर बाकी वस्तुएं को चरणबद्ध तरीके से 28 प्रतिशत के उच्चतम कर के दायरे से बाहर की जा रही है।’ उन्होंने कहा कि इस समय 12 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की 2 मानक दरें है, जो भविष्य में एक की जा सकती हैं।उन्होंने कहा कि अब व्यापक उपभोग की केवल दो वस्तुओं- सीमेंट और वाहन कुलपुर्जे पर ही 28 प्रतिशत का कर है। हमारी अगली प्राथमिकता सीमेंट को कम कर-दर के दायरे में ले जाने की होगी। वित्त मंत्री ने कहा कि भवन निर्माण की अन्य सभी सामग्रियों को पहले ही 28 प्रतिशत से निकाल कर 18 प्रतिशत और 12 प्रतिशत के दायरे में रखा जा चुका है। उल्लेखनीय है कि जीएसटी परिषद ने शनिवार को 23 वस्तुओं पर कर की दरों में कटौती की थी। जेटली ने कहा कि जीएसटी लागू होने से पहले अधिकतर वस्तुओं पर 31 प्रतिशत का कर लगता था। लोगों के पास केवल दो ही विकल्प थे- या तो ज्यादा कर का भुगतान करें या फिर कर चोरी। उन्होंने कहा कि उस समय काफी हद तक कर चोरी का बोलबाला था।उन्होंने जीएसटी के मामले में सरकार के आलोचकों पर तंज कसते हुए किहा, ‘जिन लोगों ने भारत को 31 प्रतिशत अप्रत्यक्ष कर के बोझ के नीचे दबा रखा था और जो जीएसटी का उपहास करते रहे हैं उन्हें अपने अंदर झांकना चाहिए।’ उन्होंने यह भी लिखा है कि, ‘गैर जिम्मेदाराना राजनीति और गैर जिम्मेदाराना अर्थ-नीति दोनों केवल रसातल में ही ले जाती हैं।’

13 से 14 फरवरी तक है महाशिवरात्रि 2018, जानिए पूजन विधि व शुभ मुहूर्त

से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तNitish Kumar Delhi Visit: दिल्ली पहुंचते ही राहुल गांधी से मिले नीतीश कुमार, बोले- PM बनने की इच्छा नहीं******Highlights बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज दिल्ली पहुंचे। दिल्ली दौरे पर सबसे पहले नीतीश कुमार ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीचकरीब1 घंटे की मुलाकात हुई। शाम 6 बजकर 10 मिनट पर राहुल गांधी के आवास पर नीतीश कुमार पहुंचे और 7 बजकर 8 मिनट पर यह बैठक खत्म हो गई। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मोदी के खिलाफ 2024 के मोर्चे पर नीतीश और राहुल की सहमति बन गई है और समान विचारधारा के दलों के बीच समन्वय बढ़ाने की भी रणनीति बनी है। इस बीच, नीतीश कुमार ने बिहार सरकार में समर्थन को लेकर राहुल गांधी को शुक्रिया भी कहा और भारत जोड़ो यात्रा के लिए शुभकामना भी दी हैं।सूत्रों की मानें तो बैठक में 2024 की रणनीति पर चर्चा तो हुई, लेकिन इस मुद्दे पर ठोस चर्चा आगे भी जारी रहेगी। नीतीश कुमार और राहुल गांधी दोनों नेताओं ने समान विचारधारा के दलों को साथ लाने और मजबूत विकल्प खड़ा करने की संभावना पर चर्चा भी की। दरअसल, 2024 लोकसभा चुनाव को लेकर नीतीश कुमार विपक्षी पार्टियों के नेताओं को साधने में लगे हुए हैं। बता दें कि राहुल गांधी आज गुजरात में थे, वहां से उनके दिल्ली लौटते ही नीतीश कुमार ने मुलाकात की। सीएम नीतीश कुमार तीन दिनों के दिल्ली दौरे पर आए हैं। दिल्ली पहुंचकर सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी प्रधानमंत्री बनने की इच्छा नहीं है। पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मैं बस यही चाहता हूं कि विपक्ष एक साथ आए और बीजेपी के खिलाफ लड़े, विपक्ष एक साथ आएगा तो अच्छा होगा।बिहार में एनडीए से अलग होकर महागठबंधन के साथ सरकार बनाने के बाद नीतीश कुमार का ये पहला दिल्ली दौरा है। वहीं, बिहार में नई सरकार के गठन के बाद नीतीश कुमार और राहुल गांधी की ये पहली मुलाकात थी। बिहार में नई सरकार बनने के बाद राहुल गांधी ने नीतीश कुमार को फोन पर बधाई दी थी। वहीं, राहुल गांधी से मिलने के बाद बाहर निकले सीएम नीतीश ने मीडिया से कोई बात नहीं की। बता दें कि बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद नीतीश कुमार भी विपक्ष के एकजुट होने की वकालत कर रहे हैं।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली में कई विपक्षी नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। नीतीश कुमार आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल से भी मुलाकात कर सकते हैं। नीतीश कुमार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख शरद पवार, जनता दल (सेक्युलर) नेता एच डी कुमारस्वामी और अन्य से भी मुलाकात कर सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि नीतीश के समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव से भी मुलाकात करने की उम्मीद है।वहीं, विपक्षी एकता की कोशिशों के तहत विभिन्न पार्टियों के नेताओं से मिलने के लिए दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से पटना में मुलाकात की। नीतीश कुमार लालू प्रसाद यादव से मिलने उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पर गए, जहां उनका स्वागत लालू प्रसाद यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने किया। तेजस्वी,नीतीश कुमार की मौजूदा सरकार में उपमुख्यमंत्री हैं।गौरतलब है कि नीतीश कुमार का दिल्ली दौरा कई मायनों में बहुत अहम माना जा रहा है। चर्चा है कि बिहार के मुख्यमंत्री विरोधियों के बड़े मोर्चे को आगे बढ़ाएंगे। जानकारी के मुताबिक, नीतीश कुमार अपने दिल्ली दौरे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति से भी मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि, नीतीश या उनकी पार्टी ने खुलकर दिल्ली का प्लान नहीं बताया है, लेकिन कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हराने के लिए रणनीति पर काम कर रहे हैं। बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री पहले ही साफ कर चुके हैं कि उनकी कोशिश आपसी मतभेद भुलाकर विपक्षी एकता को मजबूत करना है। माना जा रहा है, इसी कड़ी में दिल्ली दौरे के बाद नीतीश कुमार दूसरे राज्यों का दौरा भी कर सकते हैं।से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तPM Modi speech in SCO Summit: विश्वगुरु ने दुनिया को दिया ये संदेश, अमेरिका भी कहने लगा भारत से ही थी ऐसी उम्मीद******Highlightsएससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरी दुनिया को वही संदेश दिया, जिसकी विश्वगुरु से सभी देशों को उम्मीद थी। तीसरे विश्वयुद्ध की राह पर बढ़ चली दुनिया को पीएम मोदी ने जब आईना दिखाने काम किया तो अमेरिका समेत पूरी दुनिया भारत की मुरीद हो गई। यहां बात सिर्फ रूस और यूक्रेन युद्ध की ही नहीं है। बल्कि भारत की चिंता पूरी दुनिया में विभिन्न देशों के बीच चल रहे युद्ध को लेकर है। इसमें ईराक-ईरान युद्ध, आर्मीनिया और अजरबैजान युद्ध, उत्तर कोरिया-दक्षिण कोरिया युद्ध व चीन और ताइवान के बीच तनाव इत्यादि सभी का उदाहरण लिया जा सकता है।उज्बेकिस्तान के समरकंद में एससीओ देशों की मौजूदगी में पीएम मोदी ने पूरी दुनिया को शांति का पाठ पढ़ाया। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से द्विपक्षीय वार्ता के दौरान बेबाक कहा कि यह युग युद्ध का नहीं है। उन्होंने पुतिन से बेहतर दोस्त होने के नाते भी यूक्रेन के साथ गतिरोध खत्म करने की भी अपील की। पीएम मोदी करीब 10 माह बाद आमने-सामने हुए थे। हालांकि फोन पर भी कई बार पीएम मोदी पुतिन से शांति और वार्तालाप के जरिये समस्या का हल करने की अपील कर चुके हैं।आज के समय में चीन और ताइवान के बीच भी खासा तनाव है। नौबत यहां भी युद्ध जैसी हो रही है। उधर ईराक और ईरान आपस में भिड़े हैं। आर्मीनिया और अजरबैजान में फिर से युद्ध की ज्वाला भड़क उठी है। उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच भी असंतोष की आग दहक रही है। ऐसे में दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के खतरे के नजदीक जाती दिखाई दे रही है। इस दौरान अमेरिका के नेतृत्व में पश्चिमी राष्ट्र और रूस के नेतृत्व में पूर्वी राष्ट्र दो ध्रुवों में बंट चुके हैं। सिर्फ भारत ऐसा देश है जो किसी के भी नेतृत्व में नहीं है, बल्कि उसकी अपनी स्वतंत्र विदेश नीति है। यह भारत के मजबूत नेतृत्व का कमाल है कि आज देश अपना रास्ता खुद तय कर रहा है। पीएम मोदी ने पूरी दुनिया को दिखा दिया कि भारत अपना निर्णय खुद लेने में सक्षम होने के साथ ही साथ दूसरे देशों को भी रास्ता दिखा सकता है। इसीलिए उन्होंने पूरी दुनिया को एससीओ के मंच से यह बड़ा संदेश दे दिया कि यह समय युद्ध का नहीं है। दुनिया को इससे बाज आना होगा।भारत ने जिस तरह से दुनिया पर मंडरा रहे युद्ध के खतरे पर अपनी चिंता जाहिर की और अपने पारंपरिक दोस्त रूस यान व्लादिमिर पुतिन के सामने भी यह कहने से नहीं हिचका कि युद्ध से किसी का भला नहीं हो सकता..... इस बात ने पूरी दुनिया में भारत के मजबूत नेतृत्व को एक बार फिर से अंगीकार करा दिया है। अमेरिका पीएम मोदी की इस बेबाक टिप्पणी से गदगद है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने अपने बयान में कहा है कि पीएम मोदी की अपने दोस्त रूस के सामने यह चिंता जाहिर करना बताता है कि रूस-यूक्रेन युद्ध से पूरी दुनिया का नुकसान है। इससे जितना जल्द हो सके, रोका जाना चाहिए। अमेरिका ने कहा कि ऐसी बेबाक बात सिर्फ भारत ही कर सकता है, क्योंकि पीएम मोदी सशक्त नेता हैं। वह अपनी बाद कहने में कभी हिचकते नहीं हैं।अमेरिका समेत अन्य पश्चिमी देशों ने माना है कि भारत ने जो चिंता युद्ध को लेकर जाहिर की है, वही पूरे विश्व की चिंता है। यह यूक्रेन के लोगों की भी चिंता है। इससे राष्ट्रपति पुतिन पर यूक्रेन के साथ चल रहे गतिरोध को समाप्त करने का दबाव बढ़ेगा। क्योंकि भारत रूस का बड़ा साझेदार और मित्र है। मगर भारत की छवि अन्य देशों की तरह नहीं है, वह पूरी दुनिया में शांति और सहयोग का समर्थक है। भारत विस्तारवादी नीति के खिलाफ है।

13 से 14 फरवरी तक है महाशिवरात्रि 2018, जानिए पूजन विधि व शुभ मुहूर्त

से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तAshish Nehra IPL 2022: गुजरात के चैंपियन बनते ही 'नेहरा जी' ने रचा इतिहास, हार्दिक पंड्या ने दिलाई याद; देखें Video******Highlightsगुजरात टाइटंस ने IPL 2022 के फाइनल में राजस्थान रॉयल्स को 7 विकेट से हराकर पहले सीजन में ही खिताब अपने नाम कर लिया है। हार्दिक पंड्या के लिए बतौर खिलाड़ी यह पांचवा खिताब था वहीं बतौर कप्तान पहली बार वह आईपीएल में उतरे और खिताब अपने नाम किया। लेकिन आशीष नेहरा यानी गुजरात टाइटंस के हेड कोच ने भी इतिहास रच दिया है। खास बात यह उनको खुद नहीं पता था कि उन्होंने कितनी बड़ी उपलब्धि हासिल की है।फाइनल मुकाबले में जीत के बाद हार्दिक पंड्या और हेड कोच आशीष नेहरा बातचीत करते और हंसी-मजाक करते नजर आए। इसी दौरान जब नेहरा जी नाम से प्रसिद्ध पूर्व क्रिकेटर हार्दिक की कप्तानी की तारीफ कर रहे थे तभी पंड्या ने कहा आपने भी इतिहास रच दिया है। आप आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाले पहले भारतीय हेड कोच बन गए हैं। इसके जवाब में आशीष नेहरा कहते हैं कि, यह इत्तेफाक ही होगा मुझे नहीं पता था ऐसा कुछ भी है। पर फीलिंग अच्छी है टीम ने अच्छा किया।पंड्या और नेहरा की इस बातचीत का पूरा वीडियो आईपीएल ने अपनी वेबसाइट पर शेयर किया है। बल्कि इस बातचीत का छोटा सा अंश अपने ऑफिशियल ट्विटर पर उसने ट्वीट भी किया। नेहरा का वैसे तो यह दूसरा आईपीएल खिताब है लेकिन बतौर कोच वह पहली बार चैंपियन बने हैं। इससे पहले 2016 में चैंपियन बनी सनराइजर्स हैदराबाद की टीम में वह बतौर खिलाड़ी शामिल थे। साथ ही टीम में गैरी कर्स्टन भी मौजूद थे और इस जोड़ी ने 2011 में भारत को वनडे वर्ल्ड कप में भी जीत दिलाई थी।इस मामले में श्रीलंका के पूर्व कप्तान और क्रिकेटर महेला जयवर्धने टॉप पर हैं। उनके बतौर हेड कोच रहते हुए मुंबई इंडियंस की टीम तीन बार चैंपियन बनी है। उनके अलावा न्यूजीलैंड के दिग्गज स्टीफेन फ्लेमिंग और जॉन राइट के नेतृत्व में पांच मौकों पर उनकी टीमें आईपीएल का खिताब जीती हैं। सबसे ज्यादा बार ऑस्ट्रेलियाई हेड कोच रिकी पॉन्टिंग, डैरन लेहमन, शेन वार्न, ट्रेवर बेलिस और टॉम मूडी ने अलग-अलग मौकों पर कुल 6 बार अपनी टीमों को चौंपियन बनाया है। वहीं अब इस सूची में भारतीय हेड कोच यानी आशीष नेहरा का नाम भी जुड़ गया है।

से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तBihar News: लालू यादव से विपक्षी एकता का मंत्र लेकर दिल्ली की ओर रवाना होंगे सीएम नीतीश कुमार******Highlights बिहार के सीएम नीतीश कुमार जब से आरजेडी के साथ गठबंधन में आए हैं, तब से उनकी पूरी कोशिश है कि किसी भी तरह से देश में विपक्ष को एकजुट किया जाए और 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए कमर कसी जाए। यही वजह है कि नीतीश कुमार बिहार की राजधानी पटना को छोड़कर देश की राजधानी दिल्ली की ओर रवाना हो रहे हैं। हालांकि, नीतीश कुमार विपक्ष को एक करने का मंत्र लालू यादव से ले रहे हैं, क्योंकि अपने दिल्ली दौरे से ठीक पहले वह लाल यादव से मिलने उनके घर पहुंचे।दरअसल, विपक्षी दलों के एकजुट करने के मिशन पर दिल्ली रवाना होने से पहले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पहुंचे और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद से मुलाकात की। नीतीश कुमार सोमवार को दोपहर के बाद दिल्ली जाने वाले हैं, जहां वे विपक्षी दलों के नेताओं से मिलेंगे। लालू प्रसाद से मिलने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकले मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि लालू प्रसाद से बातचीत करते ही रहते हैं। हमलोग तो एक ही विचार के हैं। हम दोनों एक ही राय के हैं।उन्होंने कहा कि आज दिल्ली जायेंगे और लोगों से मिलेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली प्रवास के दौरान वे राष्ट्रपति और उप राष्ट्रपति से भी मिलेंगे। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी से मिलने के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने कहा हां उनसे भी मिलेंगे। जदयू के एक नेता ने बताया कि मुख्यमंत्री दिल्ली प्रवास के दौरान कांग्रेस के राहुल गांधी समेत कई विपक्षी दलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे। सोनिया गांधी के बाहर रहने की वजह से उनसे मुलाकात नहीं हो पाएगी।उल्लेखनीय है कि नीतीश कुमार उनसभी दलों को एक मंच पर लाना चाहते हैं जो भाजपा के विरोधी हैं या उनके साथ मिलकर काम नहीं करते। जदयू की रविवार को हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी पार्टी ने देश भर में विपक्षी दलों को एकजुट करने को लेकर जमीन तैयार करने और विभिन्न दलों के नेताओं से मिलने के लिए नीतीश कुमार को अधिकृत किया है। इधर, जदयू भी उन्हें लोकसभा चुनाव 2024 के लिए विपक्ष के राष्ट्रीय चेहरे के तौर पर पेश कर रही है। गौरतलब है कि पिछले दिनों नीतीश कुमार और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से मुलाकात हुई थी। राव पटना आए थे।से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तएडवाइजरीमंडीडॉटकॉम ने प्रो एडवाइजरी चैम्पियनशिप का किया आयोजन, दिग्गजों को किया सम्‍मानित****** स्टॉक मार्केट से जुड़े लोगों को सलाह देने वाले एक्सक्लूसिव पोर्टल एडवाइजरीमंडीडॉटकॉम ने ‘प्रो एडवाइजरी चैम्पियनशिप (PAC) सेशन-1‘ का आयोजन किया। देश की फाइनेंशियल सर्विसेज इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ा प्लेटफॉर्म बनने के उद्देश्य से और देश की आर्थिक ताकत मजबूत करने में मदद करने के लिए प्रो एडवाइजरी चैम्पियनशिप एक ऐसा फोरम है जो स्टॉक मार्केट एडवाइजर्स के फायदे के लिए बनाया गया है।इस आयोजन में स्टॉक मार्केट की प्रमुख एडवाइजरी बॉडीज/कंपनियों और शेयर मार्केट के दिग्गज जानकारों ने भाग लिया। भाग लेने वाली प्रमुख एडवाइजरी कंपनियों में एंजेल ब्रोकिंग, ACE इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी, एडवाइजरी स्ट्रीट, निर्मल बंग, एसएमसी ग्लोबल, मनसुख सिक्योरिटी, रेलीगेयर, ट्रस्ट लाइन, बोनांजा सिक्योरिटी और कई अन्य शामिल थीं।इस मौके पर भारतीय अर्थव्यवस्था और उसकी ग्रोथ पर विशेषज्ञों की परिचर्चा का आयोजन भी किया गया।हम प्रो-एडवाइजरी चैम्पियनशिप सेशन-1 की शानदार शुरुआत करते हुए बेहद खुश हैं। यह ऐसा प्लेटफॉर्म है जो स्थानीय या वैश्विक स्तर पर पहले नहीं देखा गया। आने वाले वर्षों में इस प्लेटफॉर्म को अमेरिका और यूरोप के वित्तीय बाजारों तक फैलाने का हमारा लक्ष्य है। स्टॉक एडवाजरी के लिए इससे बेहतर माहौल

से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तChildren Coronavirus Vaccine News: बच्चों की कोरोना वैक्सीन को लेकर आयी अच्छी खबर, जानिए ट्रायल के पहले सप्ताह में क्या हुआ****** कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण को रोकने के लिए एक अच्छी खबर सामने आयी है। नागपुर सेंटर से वैक्सीन के क्लिनकल ट्रायल में हिस्सा लेने वाले बच्चों से अच्छी खबर आई है। 1 सप्ताह में बच्चों के स्वास्थ्य पर किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं हुआ है। ट्रायल का पहला सप्ताह सफल रहा। पहले सप्ताह में किसी भी बच्चे को ना बुखार की शिकायत ना किसी अन्य प्रकार की शिकायत हुई है। बता दें कि, 6 जून को 40 वॉलिंटियर्स को कोवैक्सीन का पहला डोज दिया गया था, क्लिनकल ट्रायल के प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर ने कहा हम बच्चों के टीके के नजदीक पहुंच रहे हैं।AIIMS के मेडिसिन विभाग के डॉ. संजीव सिन्हा ने सोमवार को बताया कि जुलाई के आखिर तक हमारे पास बहुत सारी वैक्सीन इकट्ठा हो जाएगी। बच्चों पर चल रहे ट्रायल के नतीजे अगले 3-4 महीनों में आ जाएंगे और बच्चों को भी हम वैक्सीन दे सकेंगे। अगले 5-6 महीने वैक्सीनेशन की दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।देश के स्वदेशी तौर पर विकसित पहले कोविड रोधी टीके के छह से 12 साल के बच्चों में नैदानिक परीक्षण के लिये मंगलवार को यहां एम्स में नामांकन शुरू होगा। इसके बाद दो से छह साल के आयुवर्ग के बच्चों पर नैदानिक परीक्षण किया जाएगा। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 12-18 आयुवर्ग के स्वयंसेवकों के नामांकन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उन्हें कोवैक्सीन की पहली खुराक दी गई है।एम्स में सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन के प्रोफेसर, डॉ. संजय राय ने बताया, “छह से 12 साल के बच्चों पर कोवैक्सीन के नैदानिक परीक्षण के लिये नामांकन प्रक्रिया मंगलवार को शुरू होगी।” भारत को औषधि महानियंत्रक () ने 12 मई को दो से 18 साल आयुवर्ग के बच्चों में भारत बायोटेक के कोवैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण करने की मंजूरी दे दी थी। यह परीक्षण तीन हिस्सों में होना है और इसके तहत 12-18, 6-12 और 2-6 साल आयुवर्ग के 175-175 स्वयंसेवकों के तीन समूह बनेंगे। परीक्षण के दौरान टीके की दो खुराक मांसपेशियों में दी जाएंगी, जिनमें से दूसरी खुराक पहली खुराक लगने के 28वें दिन दी जाएगी।भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद () के साथ मिलकर भारत बायोटेक द्वारा स्वदेश में कोवैक्सीन का निर्माण किया गया है और यह फिलहाल देश भर में चल रहे टीकाकरण अभियान के दौरान वयस्कों को दी जा रही है। नैदानिक परीक्षण बच्चों में टीके की सुरक्षा, प्रतिक्रियात्मकता और प्रतिरक्षण क्षमता का मूल्यांकन करेंगे। सरकार ने हाल में चेताया था कि कोविड-19 ने भले ही अब तक बच्चों में गंभीर रूप अख्तियार न किया हो लेकिन वायरस के व्यवहार या महामारी विज्ञान की गतिशीलता में अगर बदलाव हुआ तो बच्चों में इसका प्रभाव बढ़ सकता है। उसने कहा था कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिये तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है।से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तBihar News : कल सोनिया गांधी से मिल सकते हैं लालू-नीतीश, दिल्ली रवाना होने से पहले कहा-'बिहार में बीजेपी का सफाया होगा'******Highlightsराष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद और नीतीश कुमार रविवार को सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। दिल्ली रवाना होने से पहले लालू ने कहा कि बिहार से बीजेपी का सफाया हो जाएगा। लालू प्रसाद ने बिहार के सत्तारूढ़ महागठबंधन पर हमला करने को लेकर शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर प्रहार भी किया । दिल्ली रवाना होने से पहले पटना हवाई अड्डे पर लालू ने कहा , ‘ चिंता मत कीजिए, भाजपा का सफाया हो जाएगा।’ पटना हवाई अड्डे पर पत्रकारों ने उनसे शुक्रवार को पूर्णिया रैली में शाह द्वारा बिहार की महागठबंधन सरकार को लेकर की गयी तीखी आलोचना के बारे में पूछा, जिसके जवाब में उन्होंने यह बात कही। चारा घोटाले के कई मामलों में सजा तथा कई बीमारियों के चलते लालू सक्रिय राजनीति से दूर हैं।गुजरात में अमित शाह ने क्या किया -लालूराजद प्रमुख ने नयी दिल्ली में मीडियाकर्मियों से कहा, ‘ अमित शाह बिल्कुल बौखलाए हुए हैं। वहां (बिहार में) उनकी सरकार हटा दी गयी है। 2024 में उसका (भाजपा का) सफाया हो जाएगा। यही वजह है कि वह दौड़ते हुए वहां जा रहे हैं और जंगलराज एवं वे सारी बातें कह रहे हैं। जब वह गुजरात में थे, तब उन्होंने क्या किया।’ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने कहा, ‘जब वह गुजरात में थे, तब वहां जंगल राज था।’’ जब उनसे कहा गया कि भाजपा कह रही है कि नीतीश कुमार सत्ता की अपनी भूख में बाद में राजद को त्याग देंगे, तब यादव ने कहा कि अब वे दोनों साथ हैं।'हम विपक्षी एकता की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं-लालूराजद अध्यक्ष ने कहा, ‘हम विपक्षी एकता की हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि उनकी (सोनिया गांधी के साथ) बैठक का यही एजेंडा है। नीतीश कुमार का हरियाणा में एक रैली में बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ हिस्सा लेने का भी कार्यक्रम है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला यह रैली कर रहे हैं जिसमें कई विपक्षी नेताओं के पहुंचने की संभावना है।अमित शाह ने नीतीश पर पीठ में छुरा घोंपने का लगाया था आरोपअमित शाह ने शुक्रवार को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भाजपा की पीठ में छुरा घोंपने तथा ‘कांग्रेस एवं राजद की गोद में बैठकर’ प्रधानमंत्री बनने का अपना सपना साकार करने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। पूर्णिया में एक रैली में शाह ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कुमार और यादव की जोड़ी का सूपड़ा साफ हो जाएगा और एक साल बाद भाजपा बिहार विधानसभा चुनाव में अपने बलबूते बहुमत हासिल कर लेगी। उन्होंने कहा था कि भाजपा महागठबंधन का ‘जंगलराज’ नहीं चाहती है।

से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तIND vs PAK : आखिरी मिनट में पाकिस्तान के खिलाफ जीत से चूका भारत, एशिया कप का पहला मैच 1-1 से ड्रॉ******Highlightsभारतीय हॉकी टीम ने एशिया कप 2022 (Asia Cup Hockey 2022) का आगाज पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए मुकाबले में ड्रॉ के साथ किया है। पहले मुकाबले में भारत ने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ आखिरी मिनट तक 1-0 से बढ़त बना रखी थी। लेकिन पाक स्ट्राइकर अब्दुल राणा ने 58वें मिनट के आखिरी सेकंडों में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर मैच को 1-1 से ड्रॉ करवा दिया।इस मैच में भारत के लिए एकमात्र गोल कार्थी सेल्वम ने 9वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर से दागा था। अब भारत अपना दूसरा मुकाबला मंगलवार 24 मई को जापान के खिलाफ खेलेगा।भारतीय टीम ने इस टूर्नामेंट के लिए काफी नए खिलाड़ियों को मौका दिया है। टीम की कप्तानी अनुभवी बीरेंद्र लाकड़ा को सौंपी गई है। वहीं सरदार सिंह कोच की भूमिका में हैं। एशिया कप का पिछला सीजन 2017 में खेला गया था और भारतीय टीम ने मलेशिया को हराकर तीसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा किया था। यानी इस बार भारत डिफेंडिंग चैंपियन के लिहाज से उतरा है।:पहले क्वॉर्टर के बाद भारतीय टीम ने 1-0 की बढ़त बना ली थी और यह बढ़त आखिरी तक बरकरार रही। पहले 15 मिनट में भारत के लिए एकमात्र गोल 9वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के जरिए कार्थी सेल्वम ने किया था। इसके बाद पाकिस्तान को भी कुछ पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन वह उसका फायदा नहीं उठा सका।:दूसरे क्वार्टर में भी दोनों टीमें कोई गोल नहीं कर पाईं। इस क्वार्टर के अंत में भी भारत 1-0 से आगे था। दूसरे 15 मिनट में पाकिस्तान को गोल करने के कई मौके मिले लेकिन भारतीय डिफेंस काफी शानदार रहा। गोलकीप सूरज करकेरा ने शानदार बचाव करते हुए पाकिस्तानी खिलाड़ियों के मौकों को नाकाम कर दिया। दूसरी ओर , भारतीय खिलाड़ियों में अटैक बनाए, लेकिन इस क्वार्टर में वह भारत भी गोल नहीं कर सका।:भारतीय टीम और पाकिस्तानी टीम तीसरे क्वार्टर में भी कोई गोल नहीं कर सकी। भारत को हाफ टाइम के बाद के 15 मिनट में पेनल्टी कॉर्नर्स मिले। भारत के पास इनके जरिए मैच का दूसरा गोल करने का मौका था, लेकिन वह इसमें नाकाम रही और तीसरे क्वॉर्टर के अंत के बाद भी स्कोर 1-0 रहा।चौथे क्वॉर्टर में जोरदार टक्कर देखने को मिली। पाकिस्तान के पास कई मौके आए लेकिन किस्मत ने भी उनका साथ नहीं दिया और भारतीय डिफेंस भी शानदार रहा। लेखिन आखिरी मिनट में एक ऐसा पेनल्टी कॉर्नर उन्हें मिला जिसमें अब्दुल राणा ने गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबरी पर ला दिया। इस तरह यह मुकाबला ड्रॉ हो गया।से14फरवरीतकहैमहाशिवरात्रि2018जानिएपूजनविधिवशुभमुहूर्तनशीले पदार्थों की जब्ती में हुआ 300% का इजाफा, 2017 में 3.6 लाख किलोग्राम नशीले द्रव्य हुए जब्त******Narcotic Item Seized देश में पिछले पांच वर्षों में अफीम, हेरोइन और गांजा की जब्ती के मामलों में 300 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। वर्ष 2017 में सबसे अधिक 3.6 लाख किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए। की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि मादक पदार्थ रोधी विभिन्न एजेंसियों ने पिछले वर्ष 2,551 किलोग्राम अफीम, 2,146 किलोग्राम हेरोइन, 3,52,379 किलोग्राम गांजा, 3,218 किलोग्राम हशीश और 69 किलोग्राम कोकीन जब्त किया गया।रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल कुल 3.6 लाख किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए जबकि 2016 में यह आंकड़ा 3.01 लाख किलोग्राम का था। वहीं 2015 में एक लाख किलोग्राम से अधिक, 2014 में 1.1 लाख किलोग्राम और 2013 में एक लाख किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए।केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को इस हालिया रिपोर्ट का अनावरण किया। इसमें सभी राज्यों और एजेंसियों से प्राप्त आंकड़ों को संकलित किया गया है।एनसीबी गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली एक राष्ट्रीय एजेंसी है। यह विभिन्न राज्यों की एजेंसियों, पुलिस और केंद्रीय विभागों के साथ मिलकर मादक पदार्थों से संबंधित कानून प्रवर्तन गतिविधियों का समन्वय करती है।पंजाब में सर्वाधिक 505.86 किलोग्राम और उसके बाद राजस्थान में 426.95 किलोग्राम अफीम जब्त किया गया। वहीं हेरोइन की जब्ती में पहला स्थान गुजरात का रहा। राज्य में 1,017 किलोग्राम हेरोइन जब्त किया गया। इसके बाद पंजाब का स्थान आता है, जहां 406 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती की गयी।

(संपादक:हुआनन सिटी)

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